पतञ्जलि (पतंजलि) योग सूत्र |पातंजल योग सूत्र| Yoga Sutras of Patanjali Details in Hindi

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 पातंजल योग सूत्र ( Yoga Sutras of Patanjali Details in Hindi)

पतञ्जलि (पतंजलि) योग सूत्र |पातंजल योग सूत्र| Yoga Sutras of Patanjali Details in Hindi





पतञ्जलि (पतंजलि) योग सूत्र ,पातंजल योग सूत्र



पातंजल योग सूत्र
योग का अर्थ 

भारतीय दर्शन के अनुसारयोग का अर्थ एवं परिभाषा

चित्त क्या है ? चित्त से तात्पर्य क्या है

चित्त का स्वरूप

योग दर्शन के अनुसारचित्त के भेद

चित्त की  भूमियॉ (अवस्था)

चित्त वृत्ति का अर्थ 

चित्त वृत्ति के भेद 
पंचक्लेशों के भेद(प्रकार ) और उनका विस्तृत वर्णन

क्रियायोग के साधन तपस्वाध्याय ईश्वर प्रणिधान

क्रियायोग की महत्ता

महर्षि पतंजलि द्वारा वर्णित योग के नौ अन्तराय

उपविघ्न क्या होते हैं

चित्त प्रसाधन का अर्थ शब्द की व्युत्पति, चित्त प्रसाधन के उपाय

अभ्यास तथा वैराग्य का उद्देश्य 

महर्षि पतंजलि ने योगसूत्र के अनुसार अभ्यास के साधन

वैराग्य क्या है?, वैराग्य का वर्णन

अभ्यास और वैराग्य की साधना में बाधक तत्व, साधना का फल

यम का स्वरूप संख्या यमके प्रकार और उनका वर्णन

यमों की उपयोगिता

नियम का स्वरूपनियम के प्रकार

नियम क्या है ? नियम की उपयोगिता

आसन का अर्थ ? आसन की परिभाषा  आसन का स्वरूप

आसन का  नामकरण और प्रकार

आसन की उपयोगिता, आसनों की सावधानियाँ

प्राणायाम का स्वरूप ,प्राणायाम का अर्थ

प्राणायाम के प्रकार महर्षिपतंजलि के अनुसार

प्राणायाम की उपयोगिता

प्रत्याहार का स्वरूप अर्थ परिभाषा

प्रत्याहार के प्रकार, प्रत्याहार सिद्धि में सहायक साधन

धारणा का स्वरूप,धारणा का अर्थ  परिभाषा

धारणा की उपयोगिता 

ध्यान का स्वरूप अर्थ परिभाषा

ध्यान के प्रकार और उनका वर्णन

ध्यान के क्या लाभ हैं ?
सम्प्रज्ञात समाधि और उसके भेद 

सबीज समाधि क्या होती है

निर्बीज समाधि

संयम का चित्त भूतियों मेंक्रमिक विनियोग

विभूतियाँ क्या होती हैं वर्णन कीजिये 

विभूतियों के प्रकार

भूतजय विभूति, भूतजय विभूति का फल 

विवेकज्ञान विभूति लक्षण फल ,पांच प्रकार की सिद्धियां

चतुर्व्यूहवाद हेय, हेयहेतु हान एवं हानोपाय

पातंजल योग दर्शन कासामान्य परिचय

ईश्वर की अवधारणा

ईश्वर का स्वरुप, वेदों में वर्णित ईश्वर का स्वरुप

उपनिषदों में वर्णित ईश्वर का स्वरुप

दर्शनों (योग दर्शन) में वर्णित ईश्वर का स्वरुप

प्रकृति एवं  पुरुष की अवधारणा व स्वरूप

दर्शन शास्त्र में वर्णित प्रकृति का स्वरूप

पुरुष शब्द का अर्थ पुरुषका स्वरुप

कैवल्य (मोक्ष) की अवधारणा अर्थ

योग दर्शन में वर्णित कैवल्य (मोक्ष) की अवधारणा

गीता में वर्णित ईश्वर कास्वरुप

कैवल्य (मोक्ष) प्राप्ति के उपाय

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